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Bihar Assembly: मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्ष का हंगामा, मॉडल स्कूल और NEET पेपर लीक पर सरकार से जवाब तलब

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Alam Ki Khabar: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मॉडल स्कूल, NEET पेपर लीक और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी।

पटना, 21 जुलाई। आलम की खबर: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। प्रश्नकाल प्रारंभ होने से पहले ही विपक्षी सदस्यों ने मॉडल स्कूलों, NEET पेपर लीक और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े टैक्स के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। सदन में कुछ देर तक शोर-शराबे की स्थिति बनी रही। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और लोकतांत्रिक मर्यादा के साथ चर्चा में भाग लेने की अपील की। अध्यक्ष की अपील के बाद सदन की कार्यवाही सामान्य हुई और प्रश्नकाल शुरू कराया गया।

प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा, उच्च शिक्षा, खान एवं भूतत्व, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन सहित कई विभागों से जुड़े प्रश्न उठाए गए। इसके अलावा समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, परिवहन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा, कला-संस्कृति, खेल, युवा तथा रोजगार एवं कौशल विकास विभागों से संबंधित विषयों पर भी सरकार से जवाब मांगा गया।

विपक्ष ने मॉडल स्कूलों के नाम और स्वरूप में किए जा रहे बदलाव को लेकर सरकार को घेरते हुए पारदर्शिता पर सवाल उठाए। वहीं NEET पेपर लीक मामले में अब तक की कार्रवाई और जांच की स्थिति सदन में रखने की मांग की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स से जुड़े मुद्दे पर भी विपक्ष ने सरकार से जवाब तलब करते हुए कहा कि आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। दूसरी ओर सरकार ने संकेत दिए कि सभी मुद्दों पर सदन के भीतर तथ्यात्मक जवाब दिया जाएगा।

प्रश्नकाल के बाद सदन में विभिन्न विभागों से जुड़े दस्तावेज और प्रतिवेदन भी पटल पर रखे गए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र के शुरुआती दो दिनों की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में शिक्षा, रोजगार, कानून-व्यवस्था और जनहित के अन्य मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

लोकतंत्र की ताकत बहस में है, हंगामे में नहीं

विधानसभा जनता की आवाज उठाने का सर्वोच्च मंच है। विपक्ष का दायित्व सरकार से जवाब मांगना है, जबकि सरकार की जिम्मेदारी तथ्यों के साथ जवाब देना। यदि चर्चा शोर-शराबे की बजाय तर्क और तथ्यों पर आधारित हो, तो उसका लाभ सीधे जनता तक पहुंचता है।

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